Wednesday, 15 July 2020

अमरावती के सभी जलाशय में झमाझम जलभंडार : संजय पाटील

अमरावती के सभी जलाशय में झमाझम जलभंडार : संजय पाटील

The reservoirs wait for the flood, only 32.99 prasha in the division

संजय पाटील : नागपूर प्रेस मीडिया : 16 जुलै 2020 : अमरावती. जून माह में भी संभाग के अनेक गांवों को जलसंकट से जुझना पड रहा है. 56 गांवों में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है. गर्मी के दिनों में भूजलस्तर गिरने से कई कुएं भी सुख गए है. संभाग के पांचों जिलों के जलाशयों में भी केवल 32.99 प्रतिशत जलभंडार है. हालांकि राहत की बात है कि मानसून ने तय समय पर दस्तक दी है. लेकिन जलकल्लित से निजाद पाने तथा खरीफ बुआई के लिए प्रर्याप्त बारिश की आवश्यकता है.
अप्पर वर्धा प्रकल्प लबालब21 जून की सिंचाई रिपोर्ट के अनुसार संभाग के सबसे डैम अप्पर वर्धा प्रकल्प में 51.18 प्रतिशत जलभंडार है. 564.05 दशलक्ष घनमीटर (दलघमी) क्षमतावाले इस डैम में 288.68 दलघमी जलसंचय है. संभाग में कुल 9 बडे, 25 मध्यम तथा 477 लघु प्रकल्प है. 1319.91 दलघमी क्षमतावाले 9 बडे प्रकल्पों में 41.88 प्रतिशत याने 586.23  दलघमी जलभंडार है. जबकि 733.15 दलघमी क्षमतावाले मध्यम प्रकल्पों में 35.08 प्रतिशत याने 257.19 दलघमी जलसंचय है. लेकिन लघु प्रकल्पों में केवल 20.85 फिसदी ही पानी शेष है. 1150.54 दलघमी क्षमतावाले 477 लघु प्रकल्पों में 239.84 दलघमी जल है.
वाशिम में सबसे कमपांचों जिलों में सर्वाधिक जलसंचय 42.89 प्रतिशत संभागीय मुख्यालय अमरावती जिले में है. यवमताल जिले में 31.66 प्रतिशत, बुलढाणा जिले में 30.63 प्रतिशत तथा अकोला जिले में 28.71 प्रतिशत जलभंडार है. संभाग में सबसे कम जलसंचय वाशिम जिले में मात्र 19.86 प्रतिशत है.  
संभाग के सभी बड़े जलाशयों ने इस बार बड़ी राहत दी है, जिसके कारण मानसून से जलसंकट होने का दूर-दूर तक आसार नहीं है. पांचों जिलों में 509 जलाशयों में 34.74 फीसदी जलभंडार शेष है. ग्रीष्मकाल के दिनों में यह जलाशय प्यास बुझाने में तत्पर हैं. विशेष बात यह है, कि वर्ष 2020 में पहली बार संभाग का एक भी बडा व मध्यम डैम ड्राय नहीं हुआ. प्रकल्पों की ऐसी स्थिति 10 वर्ष पूर्व 2010 में थी. वर्ष 2010 में मई माह में भी डैम में 50 प्रतिशत तक जलभंडार था. जबकि इस वर्ष 2020 में भी ऐसी ही स्थिति है, केवल अरुणावती प्रकल्प का जलस्तर घटा है. वर्ष 2019 में हुई बारिश से अरुणावती डैम में मात्र 20 फीसदी जलभंडार जमा हो पाया था.
अप्पर वर्धा में 50 प्रतिशतजिले की बात करें तो इस वर्ष अमरावती जिले में सर्वाधिक जलभंडार है. अमरावती शहर की प्यास बुझा रहे सबसे बडे अप्पर वर्धा प्रकल्प में 50 प्रतिशत जलभंडार शेष है. प्रतिवर्ष अकोला व बुलड़ाना के बडे डैम भी सूख जाते हैं, लेकिन इस वर्ष अकोला के 2, बुलड़ाना के 3 और यवतमाल के 1 बडे प्रकल्प में 40 प्रतिशत से अधिक जलभंडार है. उसी तरह मध्यम प्रकल्प भी इस वर्ष सूखा नहीं है. अमरावती के 4 मध्यम प्रकल्पों में 50 प्रतिशत से अधिक, यवतमाल के 6 प्रकल्पों में 20 से 40 प्रतिशत तक, अकोला के 3 प्रकल्पों में 30 प्रतिशत से अधिक तथा बुलड़ाना के 7 प्रकल्पों में 30 से 50 प्रतिशत तक जलभंडार पर्याप्त है.
लघु प्रकल्पों में 22.38 प्रश21 मई तक 476 लघु प्रकल्पों में 22.38 फीसदी जलभंडार है, जिससे इस वर्ष आने वाली बारिश से निश्चित ही संभाग के सभी प्रकल्प लबालब होंगे. ऐसा अनुमान जताया जा रहा है.
Water harvesting of Kaiturna dam increased

मजीप्रा की मनमानी से आक्रोश

दर्यापुर. तहसील के शहानुर बांध में 45 प्रतिशत जलभंडार होने के बाद भी येवदा सर्कल के सैकड़ों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. मजीप्रा के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नागरिकों ने तुरंत सुचारु जलापूर्ति की मांग की है. अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है.
प्रहार के प्रदीप वडतकर ने बताया है कि शहानुर प्रकल्प में पर्याप्त जलभंडार होने पर भी येवदा के जलकुंभ में अत्यंत कम दाब वाली जलापूर्ति की जा रही है जिससे यह टैंक नहीं भरता.  गांववासियों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है. येवदा सर्कल के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं. डेली जलापूर्ति न किए जाने पर वडतकर के नेतृत्व में 18 जून को शोले आंदोलन करने की चेतावनी दी है. इस संदर्भ में मजीप्रा को पत्र भी दिया गया है. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) अब इस दिशा में क्या कदम उठाती है. इस ओर सर्कल में आने वाल गांववासियों का ध्यान लगा है. 
नागरिकों से छल का आरोपएक वर्ष से प्राधिकरण की मनमानी जारी है. एक दिन के अंतराल पर जलापूर्ति की जा रही है. लेकिन बिल पूरे माह का भरना पड़ता है. पिछले कुछ दिनों से तो नलों में अत्यंत कम दाब से जलापूर्ति होने से नागरिक परेशान है. मजीप्रा नागिरकों से छल कर रही है.  
शहरवासी पेयजल की समस्या को लेकर त्रस्त हैं. इस बात को लेकर विधायक रवि राणा जब महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यालय में पहुंचे तो अधिकारियों की टालमटोल जबाव सुनकर दंग रहे गये. भीषण गर्मी में शहरवासियों को जलापूर्ति में लापरवाही बरतने पर संतप्त राणा ने शाखा अभियंता पुरोहित की जमकर परेड ली. साथ ही इस शाखा अभियंता से उठक-बैठक लगवाई. राउंड टेबल पर शुरू बैठक के दौरान जमीन पर बिठाया. उन्होंने कहा कि अधिकारी लाखों रुपयों का वेतन लेते हैं. केवल ठेकेदारों के बिल निकालने हुए दिनभर एसी में बैठते है, जिससे अब आगे से एयरकंडीशन (एसी) ही फोड़ डालेंगे, ऐसी चेतावनी भी विधायक ने दी.
म्हाड़ावासियों की समस्या का निपटारा
एमएलए राणा का रुद्रावतार देखकर अन्य अधिकारी भी तोते की तरह जबाव देने लगे, लेकिन राणा ने किसी की एक नहीं सुनी. साफ कहा कि कई वर्षों से म्हाड़ावासियों के 465 मकानों की जलापूर्ति का प्रश्न अभी तक अधिकारियों ने नहीं निपटाया. एकात्मिक जलापूर्ति योजना, विंधन कुआ दुरुस्ती कर ग्रामीण क्षेत्र की जल समस्या तत्काल छुडाने के निर्देश दिये. दबाव से जलापूर्ति नहीं करने पर कई क्षेत्रों में जलसंकट निर्माण हुआ है. अमरावती शहर ही नहीं बल्कि बडनेरा, तिवसा, अंजनगांव सुर्जी, अचलपुर, धारणी, चांदूर बाजार का भी समावेश है. बैठक में अधीक्षक अभियंता सुरेश चारथल, कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र कोपुलवार, उपकार्यकारी अभियंता किशोर रघुवंशी, तहसीलदार काकडे समेत सभी अधिकारी उपस्थित थे.
दर्यापूर. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के ठेकेदार द्वारा जगह-जगह पाइपलाइन खोदी जाने से पाइपलाइन लिकेज हो गई है. जिससे लाखों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है. साथ ही इस फुटी पाइपलाइन में से गटर का पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है.
कोकाटे मार्केट में दूषित जलापूर्ति
पाइपलाइन से पानी बर्बाद होने से क्षेत्र में भीषण कृत्रिम जलसंकट फैला है. लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने से लोग परेशान है. ग्रीष्मकाल के मई जैस महीने में भीषण जल संकट फैलने से लोगों में रोष है. ठेकेदार द्वारा कछुआ चाल से काम किया जा रहा है. कोकाटे मार्केट के पास की जगह पर खुदाई की गई है. इस फुटी पाइपलाइन में गटर का पानी जाने से कोरोना जैसे संकट काल में भी दूषित पेयजलापूर्ति हो रही है. कई बार नागरिकों द्वारा इस संदर्भ में शिकायत किए जाने के बावजूद मजीप्रा के अधिकारी अपने इस ठेकेदार की मनमानी पर नकेल नहीं कस रहे हैं. पाइपलाइन की मरम्मत हो या नई पाइपलाइन डालने का काम मजीप्रा युध्द स्तर पर इसे पूरा करे ऐसी मांग नागरिक कर रहे हैं. ऐसी मांग सामाजिक कार्यकर्ता अमोल पाटिल धर्माले, राजू पाटिल तराल, पूर्व पार्षद पप्पू पाटिल होले आदि ने की है.
आदिवासी बहुल क्षेत्र धारणी, चिखलदरा के साथ जिले के दर्जनों गांवों को जलंसकट का सामना करना पड़ रहा है. कई गांवों को अशुद्ध जलापूर्ति होने की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं. जिसके चलते वाटर सैम्पल की जांच करने की सूचना सांसद नवनीत राणा ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल को भेजे पत्र में दी है.
4-5 दिन बाद जलापूर्ति
ग्रीष्मकाल व लॉकडाउन के चलते दर्यापुर तहसील के सासन, रामापुर, सामदा, करतखेडा, सांगलूद के साथ अंजनगांव सुर्जी तहसील समेत भातकुली, आसरा, नांदेड, ऋणमोचन, भानखेडा, गोविंदपुर, मोगरा, मार्डी, कापूसतलणी, वडनेरगंगाई आदि गांवों में पेयजलसंकट मंडरा रहा है. 4-5 दिनों बाद नल से जलापूर्ति की जाती है. लॉकडाउन के कारण नागरिक भी अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सकते और नहीं शिकायत कर पाते हैं, इसलिए सांसद होने के नाते शिकायतें प्राप्त हो रही है. आम नागरिकों को शुध्द जलापूर्ति करना प्रशासन का काम है इसलिए जल्द से जल्द नागरिकों को शुद्ध व नियमित जलापूर्ति उपलब्ध कराये ऐसी सूचना दी.
बिजली आपूर्ति सुचारु करें
उन्होंने पत्र में कहा है कि तूफानी बारिश के कारण पेड़ धराशाही होने के कारण बिजली आपूर्ति खंडीत हुई है. ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली पोल टूट चुके हैं. इसलिए बिजली आपूर्ति सुचारु कर लोगों भी जलापूर्ति उपलब्ध कराये. इतना ही नहीं तो जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा क्या एक्शन ली जाती है उसकी भी जानकारी उपलब्ध कराने की सूचना सांसद राणा ने दी है.

जलसंपदा के 15 साइट्स का काम शुरू

Water works started in 15 sites of water supply, 600 laborers getting work
अमरावती. जिले में लॉकडाउन के बाद से सभी काम काज बंद होने से मजदूरों के रोजगार छिन गए. जिससे 1 माह से उन पर गहरा आर्थिक संकट मंडरा रहा है. ऐसे में अब जलसंपदा विभाग ने कुल 15 साइट्स के कामों को मंजूरी हासिल कर इनमें से अधिकांश काम शुरू कर दिए है. जिससे लगभग 600 मजदूरों को रोजगार मिला है. आपत्ति व्यवस्थापन के अध्यक्ष व जिलाधिकारी शैलेश नवाल की अनुमति से यह काम शुरू हुई है.
कलेक्टर ने दी परमिशन
जलसंपदा विभाग की अधीक्षक अभियंता रश्मी देशमुख(ठाकरे) ने अपरवर्धा विभाग 15 साइट्स पर काम शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी. जिसमें वरुड के पंढरी, मेलघाट में गडगा, वरुड के पाक प्रकल्प डैम अधूरे निर्माण कार्य को पुन: शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद अब यह काम शुरू किए गए है. इनके साथ ही दर्यापुर के कामदा प्रकल्प, अचलपुर के वागाड़ी प्रकल्प, अचलपुर के ही चंद्रभागा बैरेज प्रकल्प, चांदूर बाजार के करजगांव प्रकल्प चांदूर रेलवे के रायगढ प्रकल्प, सोनगांव शिवनी प्रकल्प, नांदगांव खंडेश्वर के निम्न साखली प्रकल्प, तिवसा के गुरुकुंज उपसा सिंचन प्रकल्प, भातकुली के साखली कलान प्रकल्पों के काम भी शुरू करने की मंजूरी मिलने के बाद इन प्रकल्पों में पाइप लाईन व अन्य काम शुरू किए गए है.
नियमों का पालन जरूरी
इन कामों को शुरू करने के लिए सशर्त अनुमति दी गई है. जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखते हुए काम करने, मास्क लगाने व काम करने वाले मजदूरों को साइट्स के पास ही रहने की व्यवस्था का समावेश है. इन नियमों को ध्यान में रखते हुए संबंधित काम के ठेकेदारों को कड़े निर्देश अधीक्षक द्वारा देते हुए काम शुरू करने को कहा है. 15 में से अधिकांश काम ठेकेदार ने आरंभ किए है. इससे बंद पड़े कामों को रफ्तार मिलने के साथ ही रोजगार की समस्या भी कुछ कम हुई है.
अनुमति लेकर काम किया शुरू
हमने जिलाधिकारी से 15 साइट्स के काम शुरू करने की अनुमति मांगी थी. यह परमिशन मिलने के बाद संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से यह काम शुरू करवाए गए है. जिन पर हमारे विभाग के संबंधित अभियंता पूरा ध्यान रखेंगे. कोविड 19 के सभी नियमों का पालन करते हुए यह काम करने के सख्त आदेश मैंने दिए है-रश्मी देशमुख (ठाकरे), अधीक्षक अभियंता
सशर्त दी अनुमति
जलसंपदा के 15 कामों को शुरू करने की हमने अनुतमति दी है. वर्क प्लेस पर कोविड-19 के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए यह काम करवाने होंगे. जिसकी जिम्मेदारी जलसंपदा के अधिकारियों की होगी.
शैलेश नवाल, जिलाधिकारी
रामदास आठवले,"उद्धव ठाकरे सरकार दो-तीन महीने में गिर जाएगी": संजय पाटील

रामदास आठवले,"उद्धव ठाकरे सरकार दो-तीन महीने में गिर जाएगी": संजय पाटील

रामदास अठावले बोले शिवसेना को सबक ...

संजय पाटील : नागपूर प्रेस मीडिया : 16 जुलै 2020 : मुंबई . राजस्थान का राजनीतिक ड्रामा अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के भविष्य को लेकर एक दावा किया है। रामदास आठवले ने कहा है कि आने वाले दो-तीने महीने में महाराष्ट्र में भी सियासी उथल-पुथल हो सकती है। उन्होंने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के गिरने की भी भविष्यवाणी की है।रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आठवले ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सरकार गिर जाएगी। उनके मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनेगी। रामदास आठवले ने राजस्थान में मचे सियासी घमासान पर टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान के बाद महाराष्ट्र का नंबर आएगा। वहां भी बीजेपी के नेतृत्व में सरकार आएगी।

सचिन पायलट के समर्थन में आए रामदास आठवले



रामदास आठवले ने कहा, 'महाराष्ट्र से जल्द सरकार जा सकती है। दो से तीन महीने के अंदर उथल-पुथल हो सकती है।' मोदी सरकार में मंत्री रामदास आठवले ने राजस्थान में सचिन पायलट की कांग्रेस से बगावत को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली से नाराज हुए। उनके निर्णय का स्वागत करता हूं। सचिन पायलट को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजस्थान के विकास के लिए आगे बढ़ना चाहिए।


केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले इससे पहले शरद पवार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का सुझाव दे चुके हैं। आठवले का मानना है कि एनसीपी मुखिया शरद पवार को शिवसेना की सरकार से समर्थन लेकर महाराष्ट्र में बीजेपी, आरपीआई(ए) के साथ महायुति बनाकर सरकार बनाने में सहयोग करना चाहिए। इससे केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के विकास के लिए भारी भरकम धनराशि भी मिलेगी।
जब रामदास आठवले ने PM मोदी को बताया ...

स्कुलो के द्वारा जबरन फी वसूली : संजय पाटील

स्कुलो के द्वारा जबरन फी वसूली : संजय पाटील

4 Concentration Activities for Students

संजय पाटील: नागपूर प्रेस मीडिया : 16 जुलै 2020: नागपुर. सरकार द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश के बाद भी निजी स्कूलों द्वारा फीस के लिए पालकों को परेशान किया जा रहा है. अभी आन लाइन क्लासेस शुरू होकर 15 भी दिन नहीं हुये है और स्कूलों द्वारा फीस जमा करने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं. इतना ही नहीं फीस नहीं भरने पर प्रवेश कैंसल किये जाने की भी बात कही जा रही है. इस संबंध में शिक्षा विभाग भी पूरी तरह से आंखें बंद किये हैं. यही वजह है कि पालकों की परेशानी बढ़ती जा रही है.
सरकार ने स्कूलें शुरू होने के बाद ही पालकों से फीस ली जाये. फिलहाल निजी स्कूलों द्वारा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की आन लाइन क्लासेस ली जा रही है. वहीं 9वीं तक के छात्रों को वाट्स पर लेशन सहित होम वर्क भेजा जा रहा है. कुछ स्कूलों ने नियमित रुप से फीस में वृद्धि भी की है. वहीं कुछ स्कूलों ने फीस नहीं बढ़ाई है. पालकों का कहना है कि स्कूलें पूरी तरह से बंद है. कई जगह शिक्षकों को आधा तो कुछ जगह कुछ भी वेतन नहीं दिया जा रहा है.
वाहन चालक, वाहक दोनों का वेतन बंद कर दिया गया है. नॉन टिचिंग भी कम कर दिये गये हैं. बिजली की खपत कम हो गई. सफाई, पानी जैसी सुविधा भी बंद है. इस हालत में स्कूलों द्वारा पिछले वर्ष की तरह ही फीस कैसे वसूल की जा सकती है. शिक्षक अपने-अपने घरों से आन लाइन क्लासेस ले रहे हैं. आन लाइन क्लासेस की वजह से पालकों का खर्च बढ़ गया है. स्मार्ट फोन सहित लैपटाप और कम्प्यूटर खरीदना पड़ा है. 
इसके बाद भी पालकों से फीस के लिए सख्ती उचित नहीं है. कुछ स्कूलों ने पालकों से पहली किश्त नहीं भरने पर पैनाल्टी भी वसूलने का निर्णय लिया है. पालकों का कहना है कि लाकडाउन की वजह से नौकरी खतरे में पड़ गई है. निजी संस्थाओं में कार्य करने वालों के वेतन में कटौती सतत रुप से जारी है. इतना ही नहीं कई लोगों की तो नौकरी भी चली. इस हालत में स्कूल की फीस भरना मुश्किल हो रहा है. अधिकांश पालकों का कहना है वे फीस भरने को तैयार है, लेकिन जब स्कूलों का खर्च कम हो गया है तो उन्हें फीस भी कम करना चाहिए.ऑनलाइन के नाम से व्हाट्स पर मेसेज भेज कर पहली से चवथी के बच्चो को पढाया जा रहा है कुछ स्कूलो में, फी वसूलने के लिए कुछ स्कूल उच्च न्यायालय ने ऑर्डर दिया  है, बोला जा रहा है. 
अगले 2-3 महीने तक स्कूल खुलने की कोई गुंजाइश दिखाई नहीं दे रही है. अनेक स्कूलों द्वारा अंतिम किश्त भी मार्च से पहले ही वसूल कर ली गई थी. इस हालत में स्कूलों का कोई नुकसान नहीं हुआ है. 7-8 वीं के बच्चों में आन लाइन शिक्षा को लेकर गंभीरता नहीं है. इसके बावजूद स्कूलों द्वारा बच्चों सहित पालकों पर दबाव बनाया जा रहा है. इस संबंध में अनेक पालकों ने शिक्षा विभाग में शिकायत भी की, लेकिन अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.

Tuesday, 14 July 2020

ऊर्जामंत्री , " एवरेज बिजली बिल ना  भेजे" : संजय पाटिल

ऊर्जामंत्री , " एवरेज बिजली बिल ना भेजे" : संजय पाटिल

Maharashtra: Nitin Raut sacks 5, launches purge of BJP-era power ...
संजय पाटिल:  नागपुर प्रेस मीडिया : १५ जुलाई २०२० : नागपुर. राज्य के ऊर्जामंत्री नितिन राऊत ने महावितरण के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ग्राहकों को एवरेज बिजली बिल भेजना टालें जिससे बिल के संदर्भ में शिकायतें कम हों. उन्होंने कहा कि सभी ग्राहकों को मीटर रीडिंग कर अचूक बिल ही भेजने की व्यवस्था करें. वे इस संदर्भ में आयोजित बैठक में बोल रहे थे.
बैठक में उन्होंने महावितरण के राजस्व को तेजी से बढ़ाने के लिए समस्त उपाययोजना के क्रियान्वयन का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि इसके लिए मनुष्यबल का सुयोग्य उपयोग करने के लिए नियोजन करें. बैठक में महापारेषण अध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक दिनेश वाघमारे, गोविंद बोडके, उत्तम झाल्टे, अनिल खापर्डे, अनिल नगरारे, दिनेशचंद्र साबू, सतीश चव्हाण, योगेश गडकरी उपस्थित थे.
विशेष कक्ष की व्यवस्था
राऊत ने चेक द्वारा बिजली बिल जमा करने वाले ग्राहकों की मदद के लिए विशेष कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिजली बिल वसूली बढ़ाने का प्रयत्न करें. तीन महीने का एक साथ बिल जमा करने वालों के 2 फीसदी की छूट और बिल भरने के लिए तीन किश्तों की सुविधा की जानकारी ग्राहकों को देकर उनकी शंका का समाधान कर बिल जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश भी उन्होंने दिया. उन्होंने सभी डिविजनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने मातहत कर्मचारियों की कार्यक्षमता की जांच करें व कार्य के लिए स्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण कर उनकी कार्यक्षमता का सुयोग्य उपयोग करें. 
हर शिकायत की जांच होगी
जून में पिछले तीन महीने के बिलों को लेकर ग्राहकों में जो असंतोष है. उसके संदर्भ में राउत ने आश्वस्त किया है कि अधिक बिल भेजने की हर एक शिकायत की जांच होगी साथ ही बाकाया बिल के संदर्भ में शंका का समाधान किये बिना अन्यायपूर्ण तरीके से बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं की जाएगी.
Nitin Gadkari to inaugurate, lay foundation stones for Rs 20,000 cr projects in Haryana : Sanjay Patil

Nitin Gadkari to inaugurate, lay foundation stones for Rs 20,000 cr projects in Haryana : Sanjay Patil

Nitin Gadkari to inaugurate, lay foundation stones for Rs 20,000 cr projects in Haryana

Sanjay Patil : Nagpur Press Media :  15 July 2020 : New Delhi : Union Minister Nitin Gadkari will inaugurate and lay foundation stones for economic corridor projects worth Rs 20,000 crore in Haryana, the government said on Monday. The web-based function will be presided over by Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar.

"Union Minister for Road Transport, Highways and MSMEs Shri Nitin Gadkari will inaugurate and lay the foundation stones of various Highway projects as part of a new economic corridor worth over Rs 20 thousand crore in Haryana on the coming 14th," Ministry of Road Transport and Highways said in a statement

Haryana Deputy Chief Minister Dushyant Chautala said that these national and state highways and bypasses will change the picture of the infrastructure in the state. He said that with the strengthening of the road network in the state, the development of industries will get a new direction and entrepreneurs will come forward for more investment in the state.
Chautala in a statement said that the state government had requested the Centre earlier to expeditiously complete road-related projects in the state. He said that the Ismailabad-Narnaul Greenfield Highway will connect five Lok Sabha constituencies of Kurukshetra, Karnal, Sonipat, Rohtak, and Bhiwani-Mahendragarh in the state, which will increase the connectivity as well as speed up industrial development in the State. The road development project is a part of the Delhi-Mumbai and Kolkata-Amritsar industrial corridor and with the start of this; more entrepreneurs will be attracted to Haryana for investment purposes.
The projects for inauguration include 35.45 km 4-lane Rohna/ Hasangarh to Jhajjar section of NH 334B costing Rs 1,183 crore, 70 km 4-laning of Punjab-Haryana Border to Jind section of NH 71 (Rs 857 crore), and the 85.36 km 2-lane with paved shoulders Jind-Karnal Highway on NH 709 (Rs 200 crore). The projects for laying foundation stone include 227 km 6-lane access controlled Greenfield expressway from Ismailpur to Narnaul on NH 152D in 8 packages costing Rs 8,650 crore, 46 km 4-lane Gurugram Pataudi-Rewari section of NH 352W (Rs 1,524 crore) and 14.4 km 4-lane Rewari bypass for Rs 928 crore, the statement said. In addition, foundation stone will also be laid for 30.45 km 4-lane Rewari-Ateli Mandi section of NH 11 costing Rs 1,057 crore, 40.8 km 6-lane Narnaul bypass on NH 148B, NH 11 and Narnaul to Ateli Mandi section of NH 11 (Rs 1,380 crore), 40.6 km 4-lane Jind-Gohana (greenfield alignment) of NH 352A (Rs 1,207 crore), 38.23 km 4-lane Gohana-Sonipat section of NH 352A (Rs 1,502 crore), and 40.47 km 4-lane UP-Haryana border to Roha on NH 334B (Rs 1,509 crore).
"These projects will benefit people of Haryana in a big way by providing smooth connectivity within the state, as well as to other states like Punjab, Rajasthan, Delhi, and Uttar Pradesh," the statement said. The projects will also save on time, fuel, and cost, as also boost development in backward areas of the state, it added. Chautala said the state government is also working in the direction of creating an integrated logistic hub in Narnaul which was reviewed recently by the state government. The Railways have also released their share for the integrated logistics hub. 

Highlights

  1. The projects for inauguration include 35.45 km 4-lane Rohna/ Hasangarh to Jhajjar section of NH 334B costing Rs 1,183 crore, 70 km 4-laning of Punjab-Haryana Border to Jind section of NH 71 (Rs 857 crore), and the 85.36 km 2-lane with paved shoulders Jind-Karnal Highway on NH 709 (Rs 200 crore).
एसीबीने खापरखेडा पोलिस स्टेशनच्या दोन पोलिसांना 5 हजारांची लाच घेताना पकडले : संजय पाटील

एसीबीने खापरखेडा पोलिस स्टेशनच्या दोन पोलिसांना 5 हजारांची लाच घेताना पकडले : संजय पाटील

Maharashtra Anti Corruption Bureau | IndiaToday
संजय पाटील :  नागपूर प्रेस मीडिया:  15 जुलै 2020 : नागपूर ग्रामीण पोलिसांच्या खापरखेडा पोलिस स्टेशनला संलग्न दोन नाईक पोलिस कॉन्स्टेबल (एनपीसी) यांना ट्रक मालकाकडून लाच घेताना अँटी करप्शन ब्युरोने (एसीबी) रंगेहाथ पकडले. सुरेंद्र मधुकरराव ठाकरे ,40 आणि अमोल बबनराव काळे, 39 अशी दोघांची नावे आहेत. दोघेही खापरखेडा पोलिस ठाण्यात संलग्न आहेत. पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, तक्रारदार हे कोराडी, तहसील - कामठी या महादुला गावचे रहिवासी आहेत. तो बांधकाम साहित्य पुरवठादार म्हणून काम करीत आहे आणि कामासाठी आपल्या भावाचा ट्रक वापरत आहे.

एनपीसी ठाकरे यांनी 9 जून रोजी वाळूच्या अवैध वाहतुकीच्या आरोपाखाली ट्रक ताब्यात घेऊन ट्रक चालकाविरूद्ध भारतीय दंड संहितेच्या कलम 397 अन्वये गुन्हा दाखल केला होता. एनपीसी ठाकरे यांनी तक्रारदाराला पोलिस स्टेशन परिसरात प्रवेश शुल्क म्हणून 5,000 / - रुपयांची मागणी केली होती. तथापि, तक्रारदाराने या मागणीकडे दुर्लक्ष केले होते. त्यानंतर एनपीसी काळे यांनी फिर्यादीश 7 जुलै रोजी मोबाईलवर संपर्क साधला आणि पोलिस स्टेशन परिसरातील ट्रकची एंट्री फी म्हणून 5,000 / - रुपये भरण्यास सांगितले.

फिर्यादींनी एसीबी नागपूर युनिट गाठून पोलिसांविरोधात तक्रार दाखल केली. वस्तुस्थिती पडताळल्यानंतर पोलिसांनी त्यानुसार सापळा रचला. मंगळवारी पोलिस ठाण्यात लाच घेताना एसीबीने दोन्ही पोलिसांना रंगेहाथ पकडले.

आरोपींविरोधात खापरखेडा पोलिस स्टेशनमध्ये भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्याच्या तरतुदीनुसार गुन्हा दाखल करण्यात आला. पोलिस अधीक्षक (एसपी) एसीबी रश्मी नांदेडकर, अप्पर एसपी राजेश दुधलवार यांच्या मार्गदर्शनाखाली महिला पोलिस निरीक्षक (डब्ल्यूपीआय) योगिता चाफले, पीआय विनोद आडे आणि रविकांत दाहाट, सुनील कळंबे, प्रवीण पडोळे, मंगेश कळंबे यांच्यासह अटकेची कारवाई करण्यात आली. , अनिल बहिरे, सरोज बुधे, अचल हरगुडे, अस्मिता मेश्राम, मनोहर डोईफो आणि नरेंद्र चौधरी.
करोंना  योद्धा राजकुमार जयस्वाल यांचे निधन  : संजय पाटिल

करोंना योद्धा राजकुमार जयस्वाल यांचे निधन : संजय पाटिल


संजय पाटिल  :  नागपूर प्रेस मीडिया : १५ जुलै २०२० : सार्वजनिक बांधकाम विभागाचे एकात्मीकृत घटकात कार्यरत  कार्यदक्ष कार्यकारी अभियंता राजकुमार राधेश्याम जैस्वाल राहणार रामदास पेठ , ओम मेन्शन बिहाइंड जैन मंदिर, रामदास पेठ, नागपूर , वय ५८, यांचे गंभीर आजाराने मृत्यू झाले. त्यांच्या पार्थिव देहावर मंगळवार ला मोक्षधाम घाट येथे अंत्यसंस्कार करण्यात आले . मेडिकल आणि मेयो ला त्यांनी कोविड -  १९ च्या रुग्णांना उपचारासाठी १२०० खाटांच स्वतंत्र कक्ष निर्माण करण्यात त्यांचे युद्धपातळीवर योगदान होते. या कक्षात ३६० खाटांच आय  सी यु , तसेच ८४० एचडीयु खाटांची व्यवस्था उपलब्ध करून देण्यात त्यांचा शारीरीक आणि बौद्धिक श्रम करून मोलाचे कार्य केले. या कामाची मोठी जवाबदारी राजकुमार जैस्वाल यांच्यावर होती. संपूर्ण सार्वजनिक बांधकाम विभागाला  आपल्या विश्वासात घेऊन त्यांनी हे काम पूर्ण करून दाखविले , असा त्यांच्या बाणा होता, दिसायला ते एखाद्या फिल्मस्टार सारखे देखणे  असूनही ते आपल्या कामात अतिशय चारित्रवान होते. संचारबंदी लागू असताना तसेच ते स्वतः गंभीर आजाराने ग्रस्त असताना ही त्यांच्या कार्यकाळात  अल्पावधीतच हे पूर्ण करण्यात आले.  त्यांच्या निधनाने एक कर्त्यव्य दक्ष भारताचा किंबहुना माहाराष्ट्र नागपूर येथील हिरा गमावला आहे.,  असे  त्यांच्या सार्वजनिक बांधकाम विभागात कार्य करणारे लोकांचे  मत आहे.   आणि हे खरंच आहे  कारण त्यांची कार्य करण्याची पद्धत इतरांपेक्षा  निराळी होती . त्यांनी आपल्या मनावर जे काम घेतले ते पूर्ण करण्याची त्यांची प्रकृती होती . निसर्ग त्यांच्या मृत्यूनंतर त्यांचे व त्यांच्या परिवाराचे मंगल हो हीच कामना करतो . एक विशेष महत्वाची बाब अशी आहे कि याच वर्षी त्यांचे ऑगस्ट मध्ये रिटायरमेंट होते.